बड़ा सवाल: क्या नैनीताल के अभिभावकों को ₹39 लाख सच में वापस मिले या सिर्फ कागजों में हुआ हिसाब?
सूचना का अधिकार (RTI) के तहत शिक्षा विभाग से प्राप्त आधिकारिक ऑडिट शीट ने ₹39,05,405 की कथित फीस वापसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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छात्र 121, गुणा 212 से: क्रम संख्या 2 पर छात्र संख्या 121 दर्ज है, लेकिन अंतर निकालते समय $1400 \times 212 = 1,69,400$ लिख दिया गया!
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अजीबोगरीब समीकरण: क्रम संख्या 10 पर छात्र 258 हैं, लेकिन फॉर्मूला $50 \times 1300 = 12,900$ दर्ज है!
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सीधे ₹15.75 लाख का एकमुश्त जोड़: क्रम संख्या 31 पर डेवलपमेंट फीस के नाम पर बिना किसी छात्र संख्या या दर के सीधे ₹15,75,000 की भारी-भरकम रकम जोड़ दी गई—जो कुल आंकड़े का लगभग 40% है!
प्रशासन और मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) नैनीताल से सीधा जन-सवाल:
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क्या इस ऑडिट शीट की कोई निष्पक्ष जांच हुई है?
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क्या किसी एक भी अभिभावक के खाते में सीधे रिफंड या स्कूल द्वारा जारी प्रमाणित समायोजन प्रमाण-पत्र (Adjustment Certificate) विभाग के पास मौजूद है?
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अगर यह केवल कागजी गुणा-भाग है, तो आम जनता को गुमराह क्यों किया गया?
RTI के ये मूल सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक जवाबदेही की मांग करते हैं। विभाग तत्काल स्थिति स्पष्ट करे!
