राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा और शिक्षकों के अधिकार: CM हेल्पलाइन व जिला प्रशासन नैनीताल में विधिवत शिकायत दर्ज!
2 अक्टूबर (गांधी जयंती) देश का राष्ट्रीय राजपत्रित अवकाश है, जो केवल महापुरुषों के स्मरण, श्रद्धांजलि व स्वच्छता कार्यक्रमों के लिए आरक्षित है। लेकिन अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों से मिले इनपुट्स के अनुसार, कई निजी स्कूलों द्वारा इस दिन PTM, नियमित कक्षाएं व कॉपियों के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को बुलाया गया।
उठाए गए मुख्य मुद्दे:
1️⃣ अवकाश के दिन जबरन काम: जिला प्रशासन द्वारा घोषित आपदा/मौसम अवकाशों में स्पष्ट आदेश होने के बाद भी कई निजी स्कूलों द्वारा शिक्षकों को छुट्टी नहीं दी जाती।
2️⃣ स्टे-बैक (Stay-back) और संडे ड्यूटी: नियमित स्कूल समय के बाद शिक्षकों को घंटों रोके रखना और रविवार को बिना किसी अतिरिक्त मानदेय के बुलाना श्रम नियमों का उल्लंघन व शिक्षकों का खुला मानसिक/आर्थिक शोषण है।
⚖️ प्रशासन से मांग:
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2 अक्टूबर के CCTV एवं विज़िटर रजिस्टरों की निष्पक्ष जांच हो और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) एवं जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा जनपद के समस्त विद्यालयों को स्पष्ट सर्कुलर जारी किया जाए कि अवकाश व ऑफ-आवर्स में शिक्षकों को बुलाने पर भारी जुर्माना और NOC निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
📌 शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) / जिला प्रशासन को प्रेषित कर दी गई है। (Grievance Ref No: CMHL – 102026-11-1150542)
⚠️ कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer):
यह पोस्ट केवल जनहित, राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा एवं श्रम/शिक्षा नियमों के अनुपालन हेतु एक नागरिक पहल है। सोशल मीडिया पर नागरिकों एवं अभिभावकों द्वारा प्राप्त इनपुट्स को निष्पक्ष जांच व प्रशासनिक सत्यापन हेतु सक्षम अधिकारियों को प्रेषित किया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, संस्थान या विद्यालय की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था व नियमों के पारदर्शी क्रियान्वयन की मांग करना है। अंतिम पुष्टि प्रशासन की जांच रिपोर्ट के अधीन है।
