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नई दिल्ली/हल्द्वानी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने हल्द्वानी में ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) के नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने नगर निगम हल्द्वानी द्वारा पेश की गई अनुपालन रिपोर्ट को ‘अधूरा’ और ‘दोषपूर्ण’ पाया है।
कोर्ट के मुख्य निर्देश:
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अधिकारियों की व्यक्तिगत पेशी: ट्रिब्यूनल ने उत्तराखंड के प्रमुख सचिव (शहरी विकास), सदस्य सचिव (राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), जिलाधिकारी नैनीताल और नगर आयुक्त हल्द्वानी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का आदेश दिया है।
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विस्तृत रिपोर्ट की मांग: संबंधित विभागों को आदेश दिया गया है कि वे ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016/2026 के पालन को लेकर एक टेबलर फॉर्मेट (Tabular Format) में रिपोर्ट दाखिल करें। इसमें बजट आवंटन, कार्य पूरा करने की समय सीमा और निगरानी तंत्र का पूरा विवरण देना होगा।
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अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई अब 29 मई 2026 को होगी।
यह आदेश हेमंत सिंह गोनिया और दीप चंद्र पांडे द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें हल्द्वानी में कचरे के असुरक्षित निस्तारण से पर्यावरण को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया गया है।
