जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों ने बुलंद की आवाज, मांगों को लेकर राजधानी में विशाल प्रदर्शन

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देहरादून: जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों ने बुलंद की आवाज, मांगों को लेकर राजधानी में विशाल प्रदर्शन

उत्तराखंड के जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन को नई धार देते हुए सोमवार को देहरादून में व्यापक प्रदर्शन किया। प्रादेशिक जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के आह्वान पर आयोजित ‘शिक्षक महापंचायत’ और ‘गर्जना रैली’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की अपेक्षा

शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद लागू टीईटी अनिवार्यता में राहत, पुरानी पेंशन योजना की पुनर्बहाली, त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था का क्रियान्वयन तथा 17140 वेतनमान से जुड़ी वसूली पर रोक शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षकों ने सेवाकाल में तीन पदोन्नति, चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान में अतिरिक्त वेतनवृद्धि की मांग भी उठाई।

स्वास्थ्य, स्थानांतरण और रिक्त पदों का मुद्दा भी प्रमुख

संघ ने गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत ओपीडी सहित समुचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति लागू करने तथा प्रदेश के सभी जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और अंग्रेजी विषय अध्यापकों के रिक्त पद भरने की मांग भी रखी।

चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और व्यापक

संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा के नेतृत्व में शिक्षक परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सचिवालय तक पहुंची। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।