🔥 तीसरा दिन, बढ़ता गुस्सा — क्या अब भी सोया रहेगा प्रशासन?
📍 जन-जवाबदेही अभियान | 7 दिन – 7 सवाल
📅 3 अप्रैल | Day 3
आज तीसरे दिन एक बड़ी तस्वीर सामने आई —
हजारों नहीं, लेकिन सच्चाई के साथ खड़े थे वो लोग जिन्हें रोज़ सबसे ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है — ठेला विक्रेता।
🚶♂️ कई ठेला विक्रेताओं ने खुलकर अपनी पीड़ा रखी
🎙️ और दशकों से गरीबों के हक़ की लड़ाई लड़ रहे श्री प्रमोद अग्निहोत्री ने भी आकर सच्चाई का आईना दिखाया
⚠️ सवाल जो अब टाले नहीं जा सकते:
❓ जब साफ़ निर्देश हैं, तो हल्द्वानी अब तक पीछे क्यों है?
❓ क्यों रोज़ सड़क हादसे और मौतें आम बात बन गई हैं?
❓ कब तक गरीब ठेला विक्रेताओं को ही निशाना बनाया जाएगा?
🔥 कड़वी लेकिन ज़रूरी बातें:
क्या वजह है…
👉 क्या जनता की चुप्पी ही सबसे बड़ी समस्या है?
👉 क्या प्रशासन की लापरवाही या अक्षमता जिम्मेदार है?
👉 या फिर… सब कुछ जानते हुए भी लागू नहीं किया जा रहा?
💰 क्या इसलिए कि अगर सिस्टम ठीक हो गया तो
👉 “पॉकेट मनी” बंद हो जाएगी?
👉 गरीबों पर दबाव बनाने की ताकत खत्म हो जाएगी?
🚨 अब फैसला जनता के हाथ में:
📢 Vendor Policy (वेंडर नीति) लागू करो
📢 व्यवस्था सुधारो – जनता को अधिकार दो
✊ अब चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए!
👉 कौन जिम्मेदार है?
👉 हल्द्वानी को बेहतर कैसे बनाया जाए?
💬 अपनी राय कमेंट में जरूर दें
👥 इस आवाज़ को मजबूत करें — जुड़ें, सवाल पूछें, जवाब मांगें
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