लाल निशान किस सीमा के थे—फुटपाथ की या सरकारी सड़क भूमि पर अतिक्रमण की?

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PWD हल्द्वानी: रिकॉर्ड कुछ कहता है, तस्वीरें कुछ और?

जनहित • पारदर्शिता • जवाबदेही

1. निरीक्षण हुआ, तो रिपोर्ट कहाँ है?

RTI में रिपोर्ट तैयार न होने की जानकारी—क्या निरीक्षण के निष्कर्ष और माप का कोई अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध है?

2. 3 अगस्त को क्या हुआ था?

विभाग ने निरीक्षण से इनकार किया—जबकि शिकायतकर्ता के पास उस दिन की बताई गई तारीख और समय वाली तस्वीरें व वीडियो हैं। दोनों रिकॉर्ड का मिलान कौन करेगा?

3. लाल निशान किस आधार पर लगाए गए?

PWD ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश का हवाला दिया। क्या निशान वास्तविक सरकारी भूमि की सीमा दर्शाते हैं? निष्पक्ष पुनःमापन हो।

4. RTI और प्रथम अपील पर सवाल

कई सवालों को एक साथ निपटाने और अपील में शिकायतकर्ता की संतुष्टि दर्ज किए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण जरूरी है। मूल रिकॉर्ड की जाँच हो।

5. रैंप में बदलाव हुआ—क्या फुटपाथ बहाल हुआ?

केवल कुछ हिस्सा हटना या नया निर्माण होना पर्याप्त नहीं। क्या पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, निर्बाध फुटपाथ वास्तव में बहाल हुआ?

बड़ा सवाल

यदि आधिकारिक जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों में विरोधाभास हैं, तो उनकी निष्पक्ष जाँच कौन करेगा?

क्या वरिष्ठ PWD अधिकारी स्वतंत्र मापन, रिकॉर्ड का मिलान और जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे आएँगे?

फुटपाथ किसी की निजी सुविधा नहीं—यह आम नागरिकों के सुरक्षित आवागमन का अधिकार है।

आपकी राय क्या है?

क्या इस मामले में वरिष्ठ स्तर पर निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए? अपने विचार साझा करें।