हल्द्वानी।
28 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट व नगर आयुक्त हल्द्वानी ने शहर की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सीवर टैंकरों को तत्काल प्रभाव से गौलापार (गौला रोखड़) शिफ्ट करने के सख्त निर्देश दिए थे। उस समय टैंकर स्वामियों और चालकों ने एक सप्ताह का समय मांगते हुए वादा किया था कि वे सोमवार से अपनी गाड़ियां या तो निजी किराए की जगह पर रखेंगे या निर्धारित गौला रोखड़ में पार्क करेंगे।
टैंकरों से होने वाले लीकेज को रोकने के लिए नॉब्स/वॉल्व की जांच, खुले में सीवर फेंकने वालों की पहचान के लिए नंबरिंग और जीपीएस लगाने पर सहमति बनी थी। यहां तक कि प्रशासन ने वाहन पंजीकृत करने और जीपीएस लगाने पर टैंकर संचालकों को राहत देते हुए प्रति ट्रिप ₹500 शुल्क बढ़ाने का आश्वासन भी दिया था।
हकीकत आज आपके सामने है: तय मियाद पूरी होने के बावजूद आज भी सुशीला तिवारी अस्पताल, आईटीआई धनमिल रोड और सार्वजनिक सड़कों पर सीवर टैंकर अवैध रूप से खड़े हैं। सड़ांध, गंदगी और बीमारी का खतरा जस का तस बना हुआ है।
जनता से अपील: अब चुप बैठने का वक्त नहीं है! यदि आपके क्षेत्र या अस्पताल के आसपास ये अवैध रूप से खड़े दिखें, तो अपनी आवाज उठाएं। सिटी मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त, हल्द्वानी को तुरंत शिकायत भेजें।
प्रशासन से मांग:
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तत्काल प्रभाव से अवैध पार्किंग और लीकेज वाले नॉब्स का स्थलीय निरीक्षण किया जाए।
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आदेश की अवहेलना करने वाले टैंकरों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और उन्हें जब्त किया जाए।
