क्या प्राइवेट बस माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए रोडवेज की रीढ़ तोड़ी जा रही है? जुलाई-अगस्त का वेतन न मिलने पर आर-पार के मूड में कर्मचारी! हल्द्वानी में कर्मचारियों का महाआक्रोश!

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हल्द्वानी: उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) को क्या सुनियोजित तरीके से निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है? यह सवाल आज हल्द्वानी में आयोजित रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद (ट्रैफिक शाखा) की मासिक बैठक के बाद जोर-शोर से उठने लगा है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकारी व्यवस्था को ‘धीमा जहर’ देकर पंगु बनाया जा रहा है, ताकि निजी बस ऑपरेटरों को सीधा फायदा पहुँचाया जा सके। कभी विशाल नेटवर्क वाले इस निगम में अब सूत्रों के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या घटकर महज 1800 के आसपास सिमट कर रह गई है।

आज दिनांक 26.09.2026 को श्री कौशल किशोर जोशी की अध्यक्षता एवं शाखा मंत्री श्री दिनेश चंद्र भंडारी के कुशल संचालन में संपन्न हुई बैठक में कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखाई दिया।

प्रमुख मुद्दे जिन पर गरमाया माहौल:

  1. वेतन न मिलने से भुखमरी की नौबत: जुलाई और अगस्त माह का वेतन अब तक न मिलने पर कर्मचारियों ने तीव्र आक्रोश जताया। घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और इलाज तक के लाले पड़ चुके हैं, फिर भी शासन-प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया है।

  2. मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन: एमवी एक्ट (Motor Vehicle Act) के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए चालक-परिचालकों को मिलने वाले शेड्यूल के डीआर (DR) को खत्म किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज किया गया।

  3. अधिकारियों की लापरवाही और उत्पीड़न: मार्ग पर चलने वाले शेड्यूल वाहनों के चालान कटने पर चालकों को समय पर सूचना तक नहीं दी जाती, जिसका सीधा खामियाजा कर्मचारियों को अपनी जेब से भुगतना पड़ता है।

  4. हल्द्वानी बस स्टेशन पर नरकीय हालात: परिसर में चारों ओर फैली गंदगी और बदहाली पर स्थानीय अधिकारियों की अनदेखी को लेकर भी जमकर खिंचाई की गई।

शीघ्र वार्ता नहीं तो उग्र आंदोलन तय:

बैठक में पूर्व में प्रेषित आंदोनलनात्मक नोटिस पर विस्तार से मंथन हुआ। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सर्वप्रथम सहायक महाप्रबंधक (AGM) हल्द्वानी से वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यदि शासन और उच्चाधिकारियों ने तुरंत दोनों महीनों का वेतन जारी नहीं किया और कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद नहीं किया, तो चक्का जाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन से पीछे नहीं हटा जाएगा।

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: क्षेत्रीय मंत्री उमेश चंद जोशी, सुरेंद्र सिंह रावत, के. एन. तिवारी, भास्कर मिश्रा, राजीव भट्ट, पंकज पुरी, चंदन डंगवाल, आनंदी शुक्ल, कविता जोशी, करण कुमार, सवाब अली, मोहित बिष्ट, अनिल डालाकोटि, नीम डालाकोटी, भास्कर चंद्र, सुभाष पांडे, बृजेश परिहार, कैलाश मठपाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।